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अपने भीतर अनंत को जागृत करने से स्थूल शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है?

जब मनुष्य साधक बनता है तो वह अनेक साधनाएं और ध्यान सीखता है। इन सब साधनाओं का एक ही लक्ष्य है – अपने भीतर के परमात्मा को, अपने भीतर के अनंत को जागृत करना। जब साधक इस प्रक्रिया को प्रारम्भ करता है तो उसके जीवन में और स्वतः उसमें, अनेक बदलाव आते हैं। इस प्रक्रिया का साधक के स्थूल शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है, यहाँ जानें। जीवन परिवर्तन करने वाली ध्यान साधनाओ को सीखने के लिए हमारे साप्ताहिक शिवयोग फोरम के कार्यक्रमों से जुड़े – www.shivyogforum.com

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