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प्रतिदिन बाहर दुनिया में कर्म करने के बाद, ये करें

ध्यान बाहर की तरफ खींचने के लिए दुनिया में अनेक बातें और घटनाएँ तो होती ही रहती हैं। उनमे उलझकर जनमों जन्मों तक मनुष्य भटकता ही रहता है। ज़रुरत तो बहुत होती है आराम की, शांति की, लेकिन उसे भी बाहर ढूंडते ढूंडते मनुष्य उसी तरह भटकता रहता है। अवधूत शिवानंद जी यहाँ इस बात का समाधान प्रदान करते हैं।

जीवन परिवर्तन करने वाली ध्यान साधनाओ को सीखने के लिए हमारे साप्ताहिक शिवयोग फोरम के कार्यक्रमों से जुड़े – www.shivyogforum.com

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