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शिवयोग में आप किसी भी भगवान को मान सकते हैं

प्राचीन सनातन की चली आ रही शिव योग की इस परंपरा में कहा जाता है के आप अपने भगवान को जिस नाम से चाहें उस नाम से बुलाएं, जिस स्वरुप में चाहें उस स्वरुप में ध्यायें। आज कल के धर्मों की पाबंदियां यहाँ पर लागू नहीं होतीं। ऐसा क्यों?

जीवन परिवर्तन करने वाली ध्यान साधनाओ को सीखने के लिए हमारे साप्ताहिक शिवयोग फोरम के कार्यक्रमों से जुड़े – www.shivyogforum.com

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